सनातन धर्म: एक आध्यात्मिक यात्रा | द्वारा: विपुल राजपूत'माहियान'
सनातन धर्म, भारतीय सभ्यता की मूलभूत आधारशिला है। यह धर्म भारतीय इतिहास, संस्कृति और दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। "सनातन" शब्द संस्कृत भाषा में "अनादि" या "अविनाशी" को दर्शाता है, जिसका अर्थ होता है कि यह धर्म अनादिकाल से चली आ रही है और अविनाशी है। सनातन धर्म न केवल एक धार्मिक विचारधारा है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक भी है। इस धर्म में मनुष्य को अपने स्वयं के आत्मतत्व को खोजने, अनंतता की अनुभूति करने और दिव्यता को प्राप्त करने का संकल्प लिया जाता है। सनातन धर्म के अनुयायी मानते हैं कि इस यात्रा में मनुष्य अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को आत्माराम, ज्ञान, भक्ति और कर्म के माध्यम से आनंदमय बना सकता है। सनातन धर्म में ब्रह्मा, विष्णु और शिव को त्रिमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। यह त्रिमूर्ति तीनों देवताओं के विभिन्न पहलूओं को प्रतिष्ठित करती है। ब्रह्मा सृष्टि का स्वामी, विष्णु पालक और परिपालक, शिव संहार और तपस्या का प्रतीक हैं। यह त्रिमूर्ति सनातन धर्म की मूल तत्त्वों को प्रतिष्ठित करती है और अनंतता और एकता की प्रतीक है। सनातन धर्म की अन्य महत्...