भारत माता की वन्दना - Compilation by Dr. Nisha Agarwal
हिम-कण सी निर्मल और उज्जवल,
गौरवान्वित भारती प्रणाम।
तेरे ही प्रसाद से पूरित,
संस्कृति का कल्याण धाम।।
जन-जन के अधरों तक पहुँचे,
तेरा अमृतमय सन्देश।
श्रेष्ठ भावना सतत् साधना,
का चमके शीत राकेश।
हिम-कण सी निर्मल और उज्जवल,
गौरवान्वित भारती प्रणाम।
तेरे ही प्रसाद से पूरित,
संस्कृति का कल्याण धाम।।
जीवन को प्रकाशमय कर दे,
उमड़ उठे श्रद्धा का सागर।
सत्य वीरता और विवेकी,
धुल जाये मानस प्रत्येक।
हिम-कण सी निर्मल और उज्जवल।
गौरवान्वित भारती प्रणाम।।
तेरे ही प्रसाद से पूरित।
संस्कृति का कल्याण धाम।।
संकलनकर्ता:
डाॅ० निशा अग्रवाल
एसोसिएट प्रोफेसर (वाणिज्य विभाग)
एस०डी० (पी०जी०) काॅलेज, मुजजफ्फरनगर।
बहुत सुंदर वन्दना है मां भारती की।
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