यूँ किसी को ना बातें बनाया करो - By नीमा शर्मा ‘हँसमुख’ Neema Sharma 'Hansmukh', Najibabad

यूँ किसी पर कीचड़ न उछाला करो,
यूँ किसी को ना बातें बनाया करो।
पाक दामन तुम्हारा ना बच पायेगा,
यूँ किसी पर न तोहमत लगाया करो।।

अपने रिश्तों को यूँ तुम संभाला करो,
नाज़ुक हैं, इनको निभाया करो।
ग़र लगी ठेस तो टूट जायेंगे ये,
प्रेम की डोर से इनको बाँधा करो।।

प्रीत की बगिया दिल में लगाया करो,
पुष्प चुन-चुन के काँटे हटाया करो।
रिश्तों का हार तुम गूँथो तो सही,
रिश्ते चुन-चुन के उसमें पिरोया करो।।

नफरतों की आँधी ना चलाया करो,
ना अपनों पर अँगुली उठाया करो।
दर्द होगा उसी में जो कट जायेगी,
बेवजह ना किसी को रूलाया करो।।

यूँ किसी पर कीचड़ न उछाला करो,
यूँ किसी को ना बातें बनाया करो।।



नीमा शर्मा 'हँसमुख'
नजीबाबाद,  बिजनौर (उ०प्र०) 

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