उत्तरप्रदेश का बजट (2020-21), युवाओं व किसानों पर आधारित - By डाॅo सूर्य प्रकाश अग्रवाल (Dr. S.P. Agarwal)
उत्तरप्रदेश विधानसभा में प्रदेश के वित मंत्री सुरेश खन्ना के द्वारा मंगलवार 18.02.2020 को अपनी सरकार का चैथा ऐतिहासिक बजट पेश किया जिसमें आय व प्राप्तियां 5,00,558.53 करोड़ रुपये तथा कुल व्यय 5,12,860.72 करोड़ रुपए अर्थात 12,302.19 करोड़ रुपए के घाटे को चिन्हित किया गया है। प्रदेश में गतवर्ष 4,79,701.10 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसलिए वर्तमान बजट 2020-21 को अब तक का सबसे बढ़ा अर्थात 5.12860 लाख करोड़ रुपये के कुल व्यय का बजट है जिसमें विशेषकर युवा व किसानों को बेहतर जीवन देने के लिए प्रयास किये गये है। इसके साथ साथ प्रदेश में उद्योग, पर्यटन व सांस्कृतिक परियोजनाओं को भी घ्यान दिया गया है। बजट में बुनियादी ढ़ांचा, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देकर प्रदेश को आर्थिक रुप से सम्पन्न करने की केाशिश की गई है। अयोध्या व काशी के विकास की ऐसी योजनाऐं बनायी गई जिनका लाभ सबको मिलेगा। बजट से मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व वित मंत्री का आत्म विश्वास भी बढ़ा है क्येंकि बजट की सराहना प्रदेश के प्रत्येक समुदाय कर रहा है।
विपक्ष आद्तन आलोचना कर रहा है जिसमें कोई विशेष दम नहीं है। विपक्ष बजट पर बहस के दौरान अपनी निराशा को परिभाषित करेगा। अब समय आ गया है कि विपक्ष को भी राज्य के विकास में अपना सक्रिय योगदान देते हुए विधानसभा व विधानपरिषद में सार्थक बहस करें तथा सकरात्मक सुधार की योजनाऐं बतायें। लोकतंत्र में विपक्ष की पारदर्शी व सकरात्मक आलोचना का विशेष महत्व होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का मानना है कि केन्द्र की मोदी सरकार व उत्तरप्रदेश की सरकार बिना जाति व धर्म के भेदभाव के सभी के लिए काम कर रही है। समाज व राष्ट्र की सेवा करना किसी सौदे का माध्यम नहीं है। यह अपने अंतःकरण को सामने रखने का माध्यम है। हमने शासन की आदर्श व्यवस्था को रामराज माना है। जहां किसी के भी साथ कोई भेदभाव नहीं होता है। हम ऐसे ही सेवा के भाव को विस्तार दे रहे है। योगी आदित्य नाथ ने कहा कि बटाईदार के लिए भी बीमा की व्यवस्था की गई है। बुंदेलखंड़ तथा विंध्य क्षेत्रों में पानी की समस्या को समाप्त करने का प्रावधान हुआ है। निराश्रित गोवंश के भरण पोषण व गौ आश्रम स्थल बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड़ ट्रांज़िट सिस्टम के लिए 900करोड़ रुपए तथा गंगा एक्सप्रेस वे के लिए 2,000करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पंहुचाने के लक्ष्य में प्रदेश का भी अभूतपूर्व योगदान होगा। बजट में अयोध्या पर्यटन और सांस्कृतिक योजनाओं के लिए 95 करोड़ रुपये, अयोध्या में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 500 करोड रुपये, तुलसी स्मारक भवन के नवीकरण के लिए 10 करोड़ रुपए, गोरखपुर में रामगढ वाटर स्पोटर्स के लिए 25 करोड़ रुपये, हर जिले में युवा रोजगार के लिए युवा हब के माध्यम से नौकरी के अवसर पैदा करने के लिए 50 करोड़, साइबर अपराध के नियंत्रण के लिए 3 करोड़ रुपये, कंेसर संस्थान को 187 करोड रुपये, संजय गांधी स्नातकोत्तर संस्थान को 820 करोड़ रुपये, काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ रुपये, जल जीवन मिशन के लिए 3,000 करोड, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के लिए 292 करोड़ रुपये, अग्नि शमन विभाग को 10 करोड़, किसान दुर्घटना कल्याण बीमा के लिए 500 करोड़ रुपये, चिकित्सा व परिवार कल्याण के लिए 15,860.33 करोड़ रुपये के लिए, कृषि के लिए 6,176.27 करोड़ रुपये इत्यादि आंबटित किये गये है। कुल व्यय 5,12,860.72 करोड़ रुपये में से राजस्व खाते का 3,95,116.95 करोड़ रुपये तथा पूंजी खाते का 1,17,743.77 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान लगाया है।
युवाओं को उद्योगों व एमएसएमई इकाईयों में रोजगार में रहते हुए प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। उन्हें निश्चित अवधि के रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 से मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना को प्रारम्भ कर रही है। इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं को उद्योग में प्रशिक्षण के साथ साथ मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किया जायेगा। प्रदेश सरकार युवाओं को जो भत्ता देगी उसमें 1,500 रुपये प्रति मास की धन राशि केन्द्र सरकार तथा 1,000 रुपये प्रति मास की धनराशि राज्य सरकार के द्वारा तथा शेषधन राशि संबंधित उद्योग के द्वारा दी जायेगी। इस योजना के लिए प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। प्रशिक्षित युवाओं को युवा उद्यमिता विकास अभियान (युवा) के द्वारा रोजगार से स्वावलंबन की ओर बढ़ाने हेतु अभिनव पहल की जा रही है। प्रदेश में प्रत्येक जिले में युवा हब स्थापित होगा जो इच्छुक युवाओं को परियोजना परिकल्पना से लेकर एक वर्ष तक की परियोजनाओं को वित्तीय मदद के साथ संचालन में सहायता प्रदान करेगा।
प्रदेश सरकार को आबकारी विभाग से 37,500 करोड़ रुपये, स्टाम्प और पंजीयन से 23,197करोड़ रुपये, वाहन कर से 8,650 करोड रुपये, जीएसटी तथा वैट से 91,568 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने बुनियादी ढ़ांचे के विकास और प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। रोजगार के लिए युवाओं की फौज को दक्ष व स्वावलंबी बनाने के लिए दो नई योजनाओं की घोषणा की गई है। शिक्षुता प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों और सुक्ष्म, लघु व मध्यम दर्जे की औद्योगिक इकाइयों में ऑन जॉब ट्रेनिंग की सुविधा देते हुए उन्हें निश्चित अवधि के रोजगार के रोजगार से जोड़ा जायेगा। बिजली, सड़कों, सेतुओं और सिंचाई के लिए 78,565.41 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे। पांच एक्सप्रेस वे परियोजनाओं का संजाल बिछाने के लिए 5,060 करोड़ रुपये व्यय होंगे। मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित 637 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस वे के लिए 2,000 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के दोनों ओर इंड़स्ट्रियल कॉरीडोर की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपये आंबटित हुए है। ड़िफेंस काॅरिड़ोर के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये आंबटित है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 2,000 करोड़ रुपये आंबटित हुए है। वर्ष 2020-21 में खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 641 लाख 74 हजार मीट्रिक टन और तिलहन का उत्पादन लक्ष्य 13 लाख 90 हजार मीट्रिक ट़न प्रस्तावित है। इसके लिऐ किसानों को 102 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। गांवों में मजदूरों की कमी को देखते हुए कृषि यंत्र उपलब्ध कराने हेतु 1,694 कस्टम हायरिंग केन्द्र और 305 फार्म मशीनरी बैंक खोलकर 40,606 उन्न्त कृषि यंत्रों का अनुदान पर वितरण प्रस्तावित है।
इंड़ियन इंड़स्ट्रीज ऐसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार ने एक दैनिक अखबार को दी अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि बजट में सुक्ष्म, लघु, एवम् मध्यम उद्यम के लिए कुछ विशेष नहीं है। ओ डी ओ पी के लिए मात्र 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। हम आशा कर रहे थे कि औद्योगिक आस्थानों में अवस्थापना सुवधिाओं पर फोकस किया जायेगा परन्तु ऐसा नहीं हुआ।
किसान कम पसीना बहा कर अधिक लाभ कमाये इस पर फोकस किया गया है। कृषि निर्यात बढ़ाने और राष्ट्रीय कृषि बाजार की परिकल्पना को साकार करने की कोशिश की गई है। प्रदेश की सौ मंडी़ के आलावा 25 अन्य मंड़ियों को ई-नैम पोर्टल से जोड़ने की योजना है। कुल मिला कर प्रदेश की योगी सरकार ने युवा, किसान व गरीबों को संतुष्ट करने की कोशिश की है। वर्ष 2022 तक देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डाॅलर की बनाने के केन्द्र के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह बजट अपनी बड़ी भूमिका निभायेगा।

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