ईश्वर भक्ति भजन - By धर्मवीर राजपूत (दीप फोटो स्टूडियो)

बुरे काम छोड़, रब से नाता जोड़,
तुझे शांति मिलेगी सुबह शाम,
बुरे काम छोड़ ..................................।

कहता है बंदे तू नींद नहीं आती,
आये भी कैसे दिल से ईष्र्या नहीं जाती,
तूने दुखियों को सताया है तमाम,
बुरे काम छोड़ ..................................।

जायेगा प्राणी एक दिन जग से अकेला,
तेरा ये तन है बंदे मिट्टी का ढेला,
तेरी चमड़ी का कुछ नहीं दाम,
बुरे काम छोड़ ..................................।

कहते हैं ज्ञानी तुमसे अनुभव जग का,
काम करो ऐसे जिससे भला होवे सबका,
‘‘धरम’’ रास्ता बताये है आसान,
बुरे काम छोड़ ..................................।


स्वरचित:
धर्मवीर राजपूत
दीप फोटो स्टूडियो, किरतपुर

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