कोरोना से बदली रे चाल - By Neema Ji Hansmukh, Najibabad

कोरोना से बदली रे चाल।
हुआ रे बुरा हाल॥
विदेशी छोड़ो  माल।
स्वदेशी अपनाओ रे॥

देश का हाल हुआ क्या प्यारे।
जतन सभी हम कर हारे॥
घर घर बनाओ तुम माल।
ये बड़ा रे सवाल।
स्वदेशी अपनाओ रे...

मिले सभी रोजगार रे भईया।
बंद गाड़ी का चले रे पहिया॥
चलेगी रे अपनी चाल।
मिले रे रोजगार।
स्वदेशी अपनाओ रे...

आत्मनिर्भर बनो रे प्यारे।
खुशियों के हो बारे न्योर।।
खुश  होगे परिवार सारे।
घर घर गायेगे मंगलचार॥
मिले रे रोजगार स्वदेशी अपनाओ रे।


नीमा हँसमुख
नजीबाबाद,  बिजनौर (उ०प्र०)

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