अजब प्रेम की गजब कहानी by Neeraj Rajput

एक दिन एक होटल में, आया एक पेयर
बूढ़ा, बूढ़ी थे, वो दोनों बैठ गए ले चेयर
बैठते ही दोनों ने बैरे को बुलवाया
अपने लिए दोनों ने बढ़िया खाना मंगवाया
पहले बूढा खाता रहा, बुढ़िया पंखा झलती रही
धीरे-धीरे दोनों की दावत चलती रही


अब बुढ़िया खाने लगी, बूढ़े ने पंखा हिलाया

इतना सब कुछ देखकर वेयर ने फ़रमाया
इतना तुम दोनों में प्यार है तो दोनों साथ-साथ खाओ
अलग-अलग क्यों खाते खाना मिलकर मजे उड़ाते
बूढा बोला, मेरे बेटे, है विचार तुम्हारा नेक
पर हम दोनों करें भी क्या? है सैट दाँतों का एक...


नीरज राजपूत

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रसंग - मन चंगा तो कठौती में गंगा

फौजी बेटा By Atul Rajput

आओ नवजीवन की शुरूआत करें - By Montu Rajput (Bhopal)