जब जब मिले थे हम - By Rv Singh Rajput (07/11/2014)

बाते ही बाते थी, जब जब मिले थे हम,
आज मिले हैं तो, क्यूँ हैं आँखें नम?

गीत तेरे होठों पे थे,
मस्तानी सी धुन थी तब,
नज़रे उठती, सुबह हो जाती,
शाम ढलती, नज़रे झुकती जब,
एक अदा पे सदके जाऊं...


ले आ वापस खुशबु सब, 

अच्छी न लागे, चेहरे पे तेरे,
एक पल भी अब खुशियां कम,


बाते ही बाते थी, जब जब मिले थे हम

आज मिले हैं तो, क्यूँ हैं आँखें नम?


- रामवीर सिंह राजपूत

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