रक्षा करो हे रघुकुल नंदन - By Rv Singh Rajput

रामा रामा रटते-रटते,

बीत गयी उमरिया सारी,
रक्षा करो हे रघुकुल नंदन,
आस लगाये दुनिया सारी।


राह में पसरा सन्नाटा है,
डर भी यहाँ घबराता है,
तांडव करती रक्त की धारी,
रहम यहाँ हैवानो से हारी,
प्रभु, प्रेम की कश्ती थाम लो,
आस लगाये दुनिया सारी।

सुन तल्ख़ खामोशी का शोर,
आने से कतराये हर दिन भोर,
जिस साए में ताउम्र गुजारी,
क्यूँ पसरी नफरत की खुमारी,
अब और न लड़े रक्त रक्त से,
आस लगाये दुनिया सारी।। 

- रामवीर सिंह राजपूत

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