एहसास कराऊंगा तुम्हे एक दिन - By Rv Singh Rajput
एहसास कराऊंगा तुम्हे एक दिन,
मैं, मेरे प्यार के एहसास का।
उस पहली नज़र की चोट से,
जो तूने किया था असर,
हर कोशिश मेरी तुझसे दूरी की,
होती है अब बेअसर,
धीरे धीरे तेरी यादों में आकर,
तुझमें ही समां जाऊँगा,
एहसास कराऊंगा तुम्हे एक दिन,
मैं, मेरे प्यार के एहसास का...
उस प्यार का जो कहीं दबा हुआ है,
मेरे लबों पे, मेरे जहन में,
सारी हदें मिटाकर, प्यासे लबों से छूकर,
बिना रुके एक पल, जन्नत की सैर कराऊंगा,
एहसास कराऊंगा तुम्हे मैं एक दिन,
मैं, मेरे प्यार के एहसास का।
- रामवीर सिंह राजपूत
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