मेरी ग़ज़ल का हर लफ्ज़ तुम ही हो - Rv Singh Rajput
मेरी ग़ज़ल का हर लफ्ज़ तुम ही हो,
ऑफिस रोज़ जाऊं, वो वजह तुम ही हो,
अपनी अदाओं से दीवाना बनाने वाली,
शुरूआत मेरे ख्वाबों की, अंत भी तुम ही हो।
हर ख़ुशी अपने चेहरे की, बनने दो बस मुझे ही,
जीने की हर वजह, बन जाओ मेरे लिए ही,
देखता रहूँ तुमको मै एक टक यूँही हमेशा,
अपनी यादों के कारवां में, जगह दो बस मुझे ही।
- रामवीर सिंह राजपूत
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