सीखते रहिये और सफल होते रहिये, क्योंकि ज़िन्दगी एक सफर है - By Vipul Rajput 'Mahiyan'
वास्तव में जिंदगी में लगातार कुछ नया सीखते रहना जिंदगी जीने की एक खूबसूरत कला है। जो हमेशा हमें अपने में, जीवन में और दुनिया में रूचि बनाये रखती है। इसलिए जिंदगी में सीखने का विलसिला कभी खत्म न करें। कभी न सोचें कि पढ़ाई खत्म, अब किताबों से क्यों सिर खपाई करें। किताबें हमेंशा हमें निखारती हैं, चमकाती हैं। वह निखार, वह चमत्कार हमें बाकी लोगों से अलग, खास बनाता है।
कई बार हमें लगता है, अब पढ़ने की जरूरत क्या है? बहुत तो पढ़ चुके, लेकिन सच्चाई यह है कि जिंदगी में पढ़ने की जरूरत कभी खत्म नहीं होती है। क्योंकि जिंदगी का अंजाना सफर कभी खत्म नहीं होता है। जी हाँ, यह एक अंतहीन यात्रा है। सफलता की ओर असफलता या मुसीबतों की भी दूसरी तरह की यात्रा जिंदगी के सफल का हिस्सा न बनें। इसलिए लगातार अपने को अपडेट करते रहना जरूरी है। क्योंकि दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ नया ज्ञान पैदा होता है। और जैसा कि शायद डिजरायली ने भी कहा था ‘मुझे आज तक भी ऐसा इंसान नहीं मिला जिससे कुछ सीखा न जा सके कि दुनिया में सीखने के लिए हमेशा बहुत कुछ होता है और हर किसी से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है। लेकिन हम हैं कि एक पड़ाव पार करते ही अपने सीखने की तमाम जरूरतों को पश्चाताप के फोल्डर में डाल देते हैं। सिर्फ लंबी साँसें लेकर यही कहते रहते हैं, काश जब उम्र थी डाँस सीख लिया होता कभी सोचते हैं, काश गिटार बजाना सीख लेता वगैरह। शायद ऐसे लोग जानते नहीं थे या जानना नहीं चाहते कि जिंदगी के सफर में ‘काश’ शब्द की कोई जगह नहीं होती। आप जब चाहें, जो चाहें सीख सकते हैं। जब चाहे नयी शुरूआत कर सकते हैं। शायद हम में से बहुत लोगों को न पता हो कि कवि गुरू रविन्द्र नाथ ठाकुर जितने अच्छे कवि थे उतने ही बड़े चित्रकार थे। और जानते हैं उन्होंने चित्रकारी सीखी और फिर चित्रकारी करना शुरू किया।
मतलब यह है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और न ही सीख कर सफल होने की कोई उम्र होती है। हकीकत तो यह है कि जिंदगी में हर समय कुछ नया सीखने की जरूरत होती है। यह इसलिए ताकि हम अपने आपको वक्त के मुताबिक तो बनायें ही रखें साथ ही साथ हमें अपने आपसे दुनिया में दिलचस्पी बनी रहे कुछ नया सीखना इसलिए भी जरूरी होता है। लेकिन इस बात का एहसास रखते हुए भी ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि एक उम्र के बाद उन्हें कुछ नया सीखने की अव्वल तो जरूरत ही क्या है, दूसरी बात उन्हें यह भी लगता है कि एक उम्र हो जाने के बाद वे बहुत चीजें सीख नहीं सकते। लोग पहले सही हथियार डाल और निराशा के घिरे होते हैं।
कुछ नयी कुशलता सीखने के मामले में तो फिर लोग थोड़ी बहुत हिम्मत भी कर लेते हैं। खासकर तब जब उसके बिना रोजमर्रा की जिंदगी जीना मुश्किल हो जाए।
तब लोगों ने मरते क्या करते कम्प्यूटर सीखा, हालांकि एक अच्छी खासी तादात में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने कम्प्यूटर सीखने की जरूरत होने के बाद भी हिम्मत नहीं किया भले इसके लिए उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा हो लेकिन यह सच है कि कम से कम दफ्तरों में काम करने वाले ऐसे लोग जिनकी सर्विस अभी अच्छी खासी तादात में बची हुई थी। इसीलिए जिंदगी एक सफर है।
❋❋❋
- विपुल राजपूत 'माहियान'
बहुत सुंदर अच्छा लिखा शुभ कामनाएं इसे स्मारिका में भी लगा देना
जवाब देंहटाएंधन्यवाद भाईसाहब, बिल्कुल
हटाएंबहुत ही अच्छी बात कही है । हमे हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहना चाहिए ।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
हटाएंविपुल जी बहुत ही सही और प्रेरणादायक लिखा, जीवन मे हर पल और प्रति एक व्यक्ति से हमेशा सीखा जा सकता है है लेकिन सच्चाई य़ह ही है कि समाज में इस प्रकार की जागरूकता अभी बहुत कम है,
जवाब देंहटाएंBehtarin
जवाब देंहटाएं